जिले के बेउर केंद्रीय कारा से लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। कोर्ट में पेशी के दौरान तीन कैदियों द्वारा नशे की गोलियां खाने की घटना सांने आने के बाद से जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद जेल और कोर्ट सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, तीनों कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट ले जाया गया था। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से नशे की गोलियां खा ली। कोर्ट परिसर से वापस जेल लौटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जेल पहुंचते ही तीनों की हालत खराब हो गई,जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। शुभम नाम के कैदी की हालत गंभीर होने पर उसे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। वहीं,अन्य दो कैदियों की भी मेडिकल जांच कराई गई है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कोर्ट में पेशी के दौरान कैदियों तक नशे की गोलियां कैसे पहुंचीं। पुलिस अभिरक्षा में रहने के बावजूद कैदियों के पास नशीला पदार्थ पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बेउर जेल अधीक्षक ने मामले की जांच की अनुशंसा की है। जेल प्रशासन और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटे हुए है कि नशे की गोलियां कैदियों तक कहां से पहुंचीं और इसमें किसकी लापरवाही रही।