ओडिशा सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को तर्कसंगत बनाने के प्रयासों के तहत, भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अपने आधिकारिक वाहनों की ईंधन खपत कम करने के लिए उनकी मासिक उपयोग सीमा घटाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण द्वारा हाल ही में जारी आदेश के अनुसार, पात्र अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों की मासिक उपयोग सीमा 2,000 किलोमीटर से घटाकर 1,500 किलोमीटर कर दी गई है। इस कदम से बीडीए के मासिक ईंधन खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा सरकारी विभागों और संस्थानों में ईंधन के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जारी निर्देशों के बाद लिया गया है।
बीडीए के आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने तथा सरकारी वाहनों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधित व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और ईंधन की मौजूदा कमी की स्थिति में सुधार होने या सरकार द्वारा अगला निर्देश जारी किए जाने तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगी।
बीडीए के उपाध्यक्ष चंचल राणा ने बताया कि ईंधन की खपत कम करने के लिए प्राधिकरण अन्य कदम भी उठा रहा है। इनमें यात्रा की आवश्यकता को कम करने के लिए वर्चुअल बैठकों, समीक्षा सत्रों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं को बढ़ावा देना शामिल है।
अधिकारियों को भी जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि ईंधन संरक्षण के व्यापक अभियान को सफल बनाया जा सके।
यह कदम मुख्यमंत्री द्वारा मई महीने में जारी आठ-सूत्रीय निर्देशों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य पेट्रोल और डीजल की खपत कम करना तथा ओडिशा में सरकारी कामकाज को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाना है। यह पहल बढ़ते खर्च और ईंधन उपलब्धता को लेकर चिंताओं के बीच लागत में कमी तथा सतत प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।