कहते हैं कि सपने वो नहीं जो नींद में आएं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें। छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी आयुष पांडे ने इसी जुनून और मेहनत के दम पर एक नई मिसाल कायम की है। वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम आज पूरे प्रदेश के सामने है। आयुष का चयन इंडिया टीम-ए में हुआ है, जिससे न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। उपमुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात के दौरान आयुष ने अपनी खुशी साझा की। छत्तीसगढ़ के होनहार खिलाड़ी आयुष पांडे ने अपने शानदार प्रदर्शन से इंडिया टीम-ए में जगह बनाकर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इंडिया टीम-ए में चयन किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा मुकाम माना जाता है। आयुष का कहना है कि इस सफर में कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। चयन की खबर मिलते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव से मुलाकात के दौरान आयुष ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर आपके भीतर जोश, जज्बा और कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो मुश्किल से मुश्किल रास्ता भी आसान हो जाता है। अब प्रदेश की निगाहें उनके अगले प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां वे इंडिया टीम-ए की जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। मेहनत, लगन और संघर्ष की यह कहानी आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।