ओडिशा सरकार के जल संसाधन विभाग ने बरगढ़ जिले में चल रही एक नहर अवसंरचना परियोजना में कथित अनियमितताओं के आरोप में तीन इंजीनियरिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में मदन मोहन सेठी, अधीक्षण अभियंता (बरगढ़ सिंचाई प्रभाग),राज कुमार मिश्रा, सहायक कार्यपालक अभियंता (भेड़ेन सिंचाई उप-प्रभाग) तथा रंजन पटेल, सहायक अभियंता (बरगढ़ नहर सेक्शन) शामिल हैं।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, बरगढ़ नगर में नहर फ्रंट विकास कार्य (फेज-1) के तहत बरगढ़ डिस्ट्रीब्यूटरी पर बॉक्स कंड्यूट निर्माण परियोजना के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। यह परियोजना आरडी 3561 मीटर से 5473 मीटर तक के क्षेत्र को कवर करती है।
आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों को ओडिशा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1962 के नियम 12(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने और अगले आदेश तक उनका निलंबन जारी रहेगा।
सरकारी आदेश में कहा गया है, “ओ.सी.एस. (सी.सी. एवं ए.) नियम, 1962 के नियम 12 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मदन मोहन सेठी, अधीक्षण अभियंता, बरगढ़ सिंचाई प्रभाग; राज कुमार मिश्रा, सहायक कार्यपालक अभियंता, भेड़ेन सिंचाई उप-प्रभाग; तथा रंजन पटेल, सहायक अभियंता, बरगढ़ नहर सेक्शन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है और अगले आदेश तक वे निलंबित रहेंगे।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि निलंबन अवधि के दौरान अधीक्षण अभियंता का मुख्यालय मुख्य अभियंता (इंजीनियर-इन-चीफ), जल संसाधन विभाग, ओडिशा, भुवनेश्वर का कार्यालय होगा। वहीं दोनों सहायक अभियंताओं को मुख्य अभियंता एवं बेसिन प्रबंधक, महानदी बेसिन, बुरला के कार्यालय में तैनात किया जाएगा।
आदेश के अनुसार, निलंबित अधिकारी सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपने निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
सेवा नियमों के तहत निलंबन अवधि में अधिकारियों को ओडिशा सेवा संहिता के नियम 90 के अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।