भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, जिसे ‘विशाल खारे पानी के मगरमच्छों का घर’ कहा जाता है, एक मई से 31 जुलाई तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश राजनगर वन प्रभाग द्वारा जारी किया गया है, ताकि मगरमच्छों के वार्षिक प्रजनन और घोंसला बनाने के दौरान उन्हें शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
हर साल इस अवधि में भितरकनिका की नदियों, नालों और जलाशयों में मगरमच्छ घोंसले बनाना और अंडे देना शुरू करते हैं। अंडे देने के बाद मादा मगरमच्छ काफी आक्रामक हो जाती हैं और कई हफ्तों तक अपने घोंसलों की कड़ी सुरक्षा करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने इन तीन महीनों के दौरान सभी पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है।
इस निर्णय का उद्देश्य मगरमच्छों के प्रजनन और घोंसला बनाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना है। पर्यटकों को इस अवधि में पार्क न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
यह पार्क आमतौर पर सर्दियों के मौसम में हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो यहां मगरमच्छों को देखने और मैंग्रोव वन का आनंद लेने के लिए आते हैं।