केंद्र सरकार ने पारादीप पोर्ट पर ग्रीन हाइड्रोजन, अमोनिया और अन्य तरल कार्गो के संचालन के लिए सहायक सुविधाओं सहित एक जेट्टी के विकास को 797 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत पर मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना पारादीप पोर्ट प्राधिकरण द्वारा बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर क्रियान्वित की जाएगी।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि यह परियोजना न केवल कार्गो क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि निवेश को प्रोत्साहित करेगी, रोजगार सृजन करेगी और पूर्वी भारत में मजबूत हरित ऊर्जा पारितंत्र (इकोसिस्टम) के निर्माण में सहायक होगी।
मंत्रालय ने बताया कि इस सुविधा में ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र के शुरुआती विकास चरण के दौरान इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करने और पारादीप पोर्ट के कार्गो प्रोफाइल में विविधता लाने के लिए अन्य तरल कार्गो के संचालन की भी व्यवस्था होगी।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है और ओडिशा में हरित ऊर्जा अवसंरचना में निवेश को समर्थन देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादों के लिए बंदरगाह-आधारित लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगी।
प्रस्तावित जेट्टी में ग्रीन ऊर्जा से जुड़े उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के सुरक्षित भंडारण एवं संचालन के लिए विशेष अवसंरचना और उन्नत सुरक्षा प्रणालियां शामिल होंगी, जिससे पारादीप पोर्ट के आसपास एक एकीकृत ग्रीन हाइड्रोजन पारितंत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा।