भुवनेश्वर की चंद्रशेखरपुर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। ये लोग क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के अधिकारी बनकर शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से पैसे वसूल रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी निरीक्षण करने के बहाने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में घुस जाते थे। वे कथित तौर पर वहां की व्यवस्था में कमियां निकालकर प्रबंधन को धमकाते थे और "सरकारी कार्रवाई" से बचने के लिए पैसों की मांग करते थे।
उनकी गतिविधियां केवल शिक्षण संस्थानों तक ही सीमित नहीं थीं, उन्होंने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया। वे सीआईडी अधिकारी बनकर मालिकों पर दबाव डालते थे और उनसे बड़ी रकम वसूलते थे।
इस गिरोह की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों का खुलासा तब हुआ, जब उन्होंने चंद्रशेखरपुर में एक निजी शिक्षण संस्थान के बाहर पैसे वसूलने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी खुद को सीआईडी अधिकारी बताते हुए आक्रामक तरीके से नकद पैसों की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर सभी आठ संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पूजा बेहरा, प्रतिमा परिड़ा, जेनामणि प्रधान, सौभाग्य साहू, धर्मेंद्र बोइताई, मनोज कुमार मिश्र, अन्नपूर्णा पंडा और नीलू नायक के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी काफी समय से राजधानी शहर में सक्रिय थे और लोगों के मन में डर पैदा करके तथा अपनी नकली सत्ता का दुरुपयोग करके पैसे वसूल रहे थे।