गुरुवार दोपहर कालबैसाखी (नॉर’वेस्टर) तूफान ने भुवनेश्वर में जोरदार असर दिखाया। तेज हवाओं, ओलावृष्टि, गरज-चमक और बारिश के कारण राजधानी शहर में जनजीवन प्रभावित हो गया। शाम करीब 4 बजे शहर के ऊपर काले बादल छाने लगे और 4:45 बजे तक तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही मिनटों में तूफान ने विकराल रूप ले लिया। मध्यम से भारी बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। बारिश के दौरान हवा की रफ्तार काफी बढ़ गई, जिससे कई इलाकों में नुकसान हुआ।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, झुग्गी बस्तियों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि सड़क किनारे लगे बड़े होर्डिंग भी तेज हवाओं की चपेट में आ गए। हालांकि, नुकसान का पूरा आकलन अभी आधिकारिक रूप से नहीं किया गया है।
इसी तरह की मौसम स्थिति कटक में भी देखने को मिली, जहां शहर के कई हिस्सों में ओलावृष्टि हुई। गरज-चमक और तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया तथा कुछ कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की खबर है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में कालबैसाखी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कई तटीय, पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में 40–50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान को देखते हुए विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय ने 26 से 28 मार्च तक राज्य के आधे से अधिक जिलों के लिए येलो वार्निंग जारी की है। जिला प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर या सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें। साथ ही, जिला अधिकारियों को तूफान से होने वाले किसी भी नुकसान की तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।