वन विभाग द्वारा कराई गई नवीनतम गणना के अनुसार ओडिशा में मगरमच्छों की संख्या बढ़कर 2,193 हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.54 प्रतिशत अधिक है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी।
बड़ंबा विधायक विजय कुमार दलबेहरा के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि सतकोसिया और टिकरपड़ा के प्राकृतिक क्षेत्रों में 65 वयस्क मगरमच्छ और 22 शिशु मगरमच्छ (हैचलिंग) दर्ज किए गए हैं।
जनगणना के अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान ओडिशा में कुल 24,90,986 पक्षियों का आगमन दर्ज किया गया। चिलिका झील में कोई दुर्लभ प्रजाति नहीं मिली, हालांकि वहां दो नई पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई, जबकि हीराकुद जलाशय में पांच नई प्रजातियां देखी गईं।
मंत्री ने बताया कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए हजारों प्रवासी पक्षी, विशेष रूप से जलपक्षी, ओडिशा के आर्द्रभूमि क्षेत्रों में आते हैं। प्रवासी पक्षियों का आगमन आमतौर पर नवंबर से शुरू होता है, जनवरी में उनकी संख्या चरम पर पहुंचती है और ठंड कम होने पर फरवरी के मध्य से वे अपने मूल आवासों की ओर लौटना शुरू कर देते हैं।