ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने शनिवार को पुलिस आयुक्त सुरेश देव दत्त सिंह के साथ लोक भवन में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में 16 अप्रैल को दो वरिष्ठ आईआरएस अधिकारियों से जुड़े घटना के बाद राजभवन की सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने लोक भवन की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और उसे उन्नत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों ने आधुनिक निगरानी प्रणाली और नई तकनीकों को शामिल करने के साथ-साथ पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया, ताकि आधिकारिक कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि लोक भवन एस्टेट की सुरक्षा के लिए “नई तकनीक और पर्याप्त मानवबल का उपयोग आवश्यक है, जिससे कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल का निर्बाध प्रबंधन हो सके।”
यह समीक्षा 16 अप्रैल को हुए विवाद के बाद की गई है, जब ओडिशा में आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त डी. सुधाकर राव ने राज्यपाल सचिवालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके अधिकारी मनीष कुमार और सत्य प्रकाश मिश्रा को जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर गवर्नर हाउस से हटाया गया और कैपिटल पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
शिकायत के बाद लोक भवन कार्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दोनों अधिकारियों ने उच्च सुरक्षा वाले परिसर में प्रवेश के लिए न तो पूर्व अनुमति ली थी और न ही आवश्यक विजिटर पास प्राप्त किया था।
इस घटना के बाद, लोक भवन ने 17 अप्रैल को एक चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो कर्मचारियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच करेगी।