जिला में एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट मामले में एजेंसी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। एजेंसी के मालिक अजय कुमार साहू के खिलाफ बीएनएनएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 125ए, 135 बी, 238, 287, एवं 07 ईसी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। मेदिनीनगर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी जागो महतो ने सोमवार की रात एफआईआर दर्ज करने के लिए टाउन थाना में आवेदन दिया था। टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि एजेंसी के मालिक अजय कुमार साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले में आगे की छानबीन कर रही है। दरअसल रविवार को टाउन थाना क्षेत्र के बैरिया चौक के पास एक घर में एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था। ब्लास्ट की चपेट में चार लोग आए थे और सभी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। ब्लास्ट के बाद चौंकाने वाली जानकारी निकलकर सामने आई। जिस जगह पर सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, वहां पलामू के पांडू थाना क्षेत्र में संचालित गैस एजेंसी का अवैध गोदाम था। अवैध गोदाम से गैस की कालाबाजारी हो रही थी और इसी दौरान सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
घटनास्थल से पांच भरे हुए सिलेंडर, 35 खाली सिलेंडर और 21 कमर्शियल सिलेंडर बरामद हुए थे। आरोप है कि 36 सिलेंडर को एजेंसी मालिक अजय कुमार साहू के द्वारा गायब करवा दिया गया था। सिलेंडर ब्लास्ट मामले में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी जांच के लिए पहुंची है। एफएसएल की टीम घटनास्थल से ब्लास्ट का सैंपल इकट्ठा कर रही है। घटना के बाद पलामू जिला प्रशासन ने एक जांच रिपोर्ट की तैयारी की है और गैस एजेंसी के लाइसेंस को रद्द करने के लिए लिखा गया है।
जिला प्रशासन की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि एजेंसी का संचालन पांडु के इलाके में है जबकि इसका भंडारण मेदिनीनगर में किया गया था, जो अवैध है। सोमवार को पूरे मामले में हाई लेवल जांच भी हुई थी घटनास्थल से कई सिलेंडर गायब पाए गए थे जिसके बाद टीओपी 3 के प्रभारी, पुलिस पेट्रोलिंग टीम के प्रभारी समेत 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।