सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के भीतर शुक्रवार रात एक बड़ी शिकार की कोशिश उस समय विफल हो गई जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी कैमरों ने हथियारबंद घुसपैठियों की गतिविधि पकड़ ली और वन अधिकारियों को तुरंत अलर्ट मिल गया।
अधिकारियों ने बताया कि देर रात शिकारियों का एक समूह अभयारण्य में घुसा, लेकिन संवेदनशील वन क्षेत्रों में लगे एआई कैमरों ने उनकी हरकत रिकॉर्ड कर ली। सिस्टम ने रीयल-टाइम अलर्ट जारी किया, जिससे अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए और संभावित शिकार की योजना को विफल कर दिया।
इसके बाद सिमिलिपाल साउथ डिवीजन द्वारा 24 घंटे का कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया गया। वन टीमों ने निगरानी बढ़ाकर प्रमुख क्षेत्रों को घेर लिया, जिसके बाद 39 शिकारियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
आरोपियों ने नौ बंदूकें, भारी मात्रा में बारूद, 20 से अधिक धनुष-बाण और कई अन्य हथियार सौंप दिए। अधिकारियों ने कहा कि समय पर तकनीकी हस्तक्षेप और समन्वित रणनीति से टाइगर रिजर्व में बड़े पैमाने पर शिकार की घटना टल गई।
इस अभियान में तीन वन रेंज के कर्मचारी और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के तीन सशस्त्र जवान शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि लगातार निगरानी, खुफिया जानकारी और ज़मीनी कार्रवाई के कारण आरोपियों को स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना पड़ा।
आरोपी उदला थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबिकादेईपुर, महालिसाही, लुकुइदा, मटकमटला, जीतुसाही, खालड़ी और लंगड़ी गांवों के निवासी बताए गए हैं।
मामला जेनाबिल वाइल्ड लाइफ में दर्ज किया गया है और जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा कि हथियार अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में पुलिस थाने में भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।