सबसे बड़ी खारे पानी की झील चिल्का में कल से वार्षिक डॉल्फिन जनगणना शुरू होगी। यह काम तीन दिनों तक चलेगा। झील के पास के बालूगांव और सातपड़ा इलाकों में गिनती करने के लिए 3-5 गिनती करने वालों और एक एक्सपर्ट वाली 18 खास टीमें बनाई गई हैं। टीमें डॉल्फिन की सही गिनती करने के लिए GPS, दूरबीन और हाइड्रोफोन से लैस लाइन ट्रांससेक्ट तरीके का इस्तेमाल करेंगी।
जनगणना के हिस्से के तौर पर सही और सुरक्षित गिनती पक्का करने के लिए सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक नावों की आवाजाही पर रोक रहेगी। चिलका डेवलपमेंट अथॉरिटी और वन विभाग ने इलाके के सभी नाव एसोसिएशनों को जनगणना और पाबंदियों के बारे में बता दिया है।
पिछले साल की जनगणना में 173 डॉल्फिन गिनी गई थीं, जिनमें 154 इरावदी और 19 बॉटलनोज डॉल्फिन शामिल थीं। इस जनगणना का मकसद झील के इकोसिस्टम के बारे में ज़रूरी जानकारी देना और संरक्षण की कोशिशों में मदद करना है।