पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। शुक्रवार की सुबह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम ने टीएमसी नेता देबाशीष कुमार के घर पर छापा मार दिया, जिसकी वजह से पूरे इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित कुमार के आवास पर सुबह-सुबह जांच शुरू हुई। उस वक्त वह घर पर ही मौजूद थे। इसी के साथ उनकी नजदीकी चुनावी कार्यालय और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित पार्टी ऑफिस पर भी एक साथ छापेमारी की गई। तीनों जगहों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, इस कार्रवाई की असली वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई, लेकिन यह छापेमारी ऐसे समय पर हुई है जब प्रवर्तन निदेशालय पहले से ही देबाशीष कुमार की जांच कर रही है। जमीन कब्जे से जुड़े एक मामले में उन्हें कई बार तलब किया जा चुका है और 1, 3 और 9 अप्रैल को साल्ट लेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स में उनसे पूछताछ भी हो चुकी है।
छापेमारी की खबर फैलते ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता और समर्थक मोतीलाल नेहरू रोड स्थित पार्टी ऑफिस के बाहर इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने स्वप्नदास गुप्ता पर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और दावा किया कि ऑफिस से जरूरी फाइलें चोरी की जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना सूचना दिए ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और बूथ लेवल एजेंट्स से जुड़े अहम दस्तावेजों को निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि यह एक गहरी साजिश है, जिसके तहत इन फाइलों की कॉपी बनाकर विपक्ष को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और जांच जारी है। ऑफिस के केयरटेकर को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।