ओडिशा ने बुधवार को अपने राज्य गठन के 91वें वर्ष में प्रवेश किया। राज्यस्तरीय ओडिशा दिवस समारोह पुरी जिले के सुआंडो गांव में आयोजित किया गया, जो महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित गोपबंधु दास की जन्मभूमि है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार ने महान व्यक्तित्वों की जन्मस्थली पर ओडिशा दिवस मनाने की परंपरा शुरू की है, ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन और योगदान से प्रेरणा ले सके।
मुख्यमंत्री ने गोपबंधु दास के पैतृक घर का दौरा किया, भगवान राधा बिनोद बिहारी के दर्शन किए, गोपबंधु पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की और गोपबंधु संग्रहालय का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने साक्षीगोपाल स्थित उत्कलमणि गोपबंधु स्मृति महाविद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “ओड़िया समाज” विकास और समृद्धि के नए दौर की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में ओडिशा भारत की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनेगा। उन्होंने गोपबंधु दास को राष्ट्रीय प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनके त्याग ने ओडिशा के लोगों की दिशा और भाग्य को आकार दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सत्यबादी बन विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए ₹585 करोड़ की परियोजना की घोषणा की। इसमें से ₹90 करोड़ ऐतिहासिक बकुलबन को सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹495 करोड़ सत्यबादी क्षेत्र के पुनर्विकास और हेरिटेज कॉरिडोर निर्माण पर लगाए जाएंगे।
संस्कृति और धार्मिक पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ओड़िया भाषा, साहित्य और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ को ओड़िया समाज की आध्यात्मिक पहचान बताते हुए पुरी को वैश्विक धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना दोहराई।
पुरी में लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय श्री जगन्नाथ संग्रहालय एवं पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही गुंडिचा मंदिर, एमर मठ और रघुनंदन लाइब्रेरी जैसे विरासत स्थलों के पुनरुद्धार की योजना भी बनाई गई है। 1,500 एकड़ में प्रस्तावित ‘शामुका’ परियोजना का उद्देश्य पुरी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब में बदलना है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यटन केंद्र, क्रूज टर्मिनल और पुरी में हवाई अड्डा निर्माण की योजना की घोषणा की। भुवनेश्वर–पुरी राष्ट्रीय राजमार्ग का विस्तार भी किया जाएगा, जबकि चिलिका झील को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग ₹80,000 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रगति पर हैं। प्रमुख परियोजनाओं में ₹9,000 करोड़ की ब्रह्मपुर–जैपुर सड़क, पारलाखेमुंडी से अंबाभोना तक नमो एक्सप्रेसवे तथा मल्कानगिरी के मोटू से मयूरभंज के तिरिंग को जोड़ने वाला 969 किमी लंबा अटल एक्सप्रेसवे शामिल है।
औद्योगिक और समुद्री पहल
मुख्यमंत्री ने केंद्रापड़ा में ₹25,000 करोड़ के जहाज निर्माण क्लस्टर और गंजाम जिले के बहुड़ा में ₹22,000 करोड़ की लागत से सैटेलाइट पोर्ट परियोजना की घोषणा की।
रोजगार और आर्थिक लक्ष्य
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में ₹2.40 लाख करोड़ की लागत वाली 109 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिससे लगभग 1.76 लाख रोजगार सृजित हुए। राज्य का लक्ष्य 2036 तक 500 अरब डॉलर और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
नई कल्याणकारी योजना
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ की शुरुआत की, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में जन्मी बालिकाओं के लिए जन्म के समय ₹20,000 जमा किए जाएंगे और स्नातक पूरा करने पर ₹1.01 लाख की सहायता दी जाएगी, ताकि उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पहल
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4,000 डॉक्टर पदों पर भर्ती पूरी की गई है और 5,000 नए डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। साथ ही गजपति, मल्कानगिरी और रायगड़ा में तीन आयुर्वेदिक कॉलेज तथा नयागढ़ और नुआपाड़ा में दो होम्योपैथिक कॉलेज स्थापित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए संदेशों के लिए आभार व्यक्त किया तथा ओडिशा पुलिस को 91वें स्थापना वर्ष पर राष्ट्रपति कलर अवॉर्ड मिलने पर धन्यवाद दिया।कार्यक्रम में पुरी सांसद संबित पात्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।