ओडिशा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। ओडिशा विद्युत नियामक आयोग (ओईआरसी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं करने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत प्रति यूनिट बिजली शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इससे पिछले पांच वर्षों से बिजली दरों में बनी स्थिरता का सिलसिला जारी रहेगा।
वर्ष 2023-24 में बिजली दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की गई थी और तब से उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए दरें स्थिर रखी गई हैं।
ओईआरसी ने दक्षता, पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा बढ़ाने के लिए कई नए कदम भी उठाए हैं। अब बिजली वितरण कंपनियों की निगरानी और सख्त होगी तथा उनके खर्चों का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा किया जाएगा।
जिन फीडरों में 50 प्रतिशत से अधिक बिजली हानि हो रही है, वहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। वहीं 60 प्रतिशत से अधिक लोड वाले कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा के माध्यम से विद्युतीकृत किया जाएगा।
व्यावसायिक और ट्रांसमिशन नुकसान कम करने के लिए अधिक हानि वाले क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों के साथ स्मार्ट मीटर भी लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं की बढ़े हुए बिल की शिकायतों को देखते हुए स्मार्ट मीटर सॉफ्टवेयर का थर्ड-पार्टी ऑडिट भी कराया जाएगा।
ओईआरसी ने वितरण कंपनियों को कर्मचारी और प्रशासनिक खर्च कम करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि ओडिशा में ये खर्च राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं।
उपभोक्ताओं को कई नई रियायतें भी मिलेंगी। 10 किलोवाट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को सोलर घंटों (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक) के दौरान 10 प्रतिशत छूट मिलेगी, जबकि पीक आवर्स (शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक) में उपयोग पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
मेगा लिफ्ट सिंचाई उपभोक्ताओं को सोलर घंटों में 2 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी। ऑनलाइन बिल भुगतान करने पर 4 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि ई-बिल अपनाने पर प्रति बिल अतिरिक्त ₹10 की रियायत दी जाएगी।
इसके अलावा, लंबे समय से बिजली वितरण से बाहर रहे उपभोक्ताओं को जमा की गई अतिरिक्त सुरक्षा राशि भी वापस की जाएगी।