संभावित समुद्री खतरों और घुसपैठ से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से दो दिवसीय संयुक्त तटीय सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच’ मंगलवार को पारादीप में शुरू हुआ। इस अभ्यास में कई एजेंसियां शामिल होकर आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने और राज्य के समुद्री तट की सुरक्षा के लिए समन्वित रणनीतियों का प्रदर्शन कर रही हैं।
2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद शुरू किए गए इस अभ्यास का आयोजन वर्ष में दो बार केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य तटीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है। अभ्यास के तहत गहरे समुद्र में ड्रिल के साथ-साथ तटीय क्षेत्रों में भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
इस अभ्यास में भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, ओडिशा पुलिस, मरीन पुलिस, सीमा शुल्क विभाग, अग्निशमन सेवा, मत्स्य विभाग, वन विभाग और पारादीप पोर्ट प्राधिकरण सहित 10 से अधिक एजेंसियां भाग ले रही हैं। ड्रिल का उद्देश्य समुद्री खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।
अभ्यास को दो टीमों में विभाजित किया गया है। रेड टीम आतंकवादियों की भूमिका निभाते हुए जलमार्ग के जरिए घुसपैठ कर जमीन पर हमले का प्रयास करती है, जबकि ब्लू टीम समुद्र और जमीन दोनों मोर्चों पर समन्वित कार्रवाई कर इन खतरों को रोकने और निष्क्रिय करने का कार्य करती है। गहरे समुद्र और तटीय क्षेत्रों में एक साथ गश्त और निगरानी सहित व्यापक अभ्यास किए जा रहे हैं।
पुरी जिले में भी ‘सागर कवच’ के तहत ओडिशा पुलिस ने अस्तरंग, चंद्रभागा, तलबनिया और अरखकुडा सहित प्रमुख मरीन पुलिस थाना क्षेत्रों में समानांतर मॉक ड्रिल शुरू की है। श्री जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और काकटपुर स्थित मां मंगला मंदिर जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
यह दो दिवसीय अभ्यास बुधवार को समाप्त होने की संभावना है, जिसके बाद सभी भाग लेने वाली एजेंसियां अभ्यास की समीक्षा कर कमियों की पहचान करेंगी और भविष्य के खतरों से निपटने की तैयारी को और मजबूत करेंगी।