सिलीगुड़ी के संतोषीनगर स्थित नयापाड़ा इलाके में एक विवादास्पद घटना सामने आई है जहां रामनवमी की शोभायात्रा में शामिल होने गए लोगों की अनुपस्थिति में उनकी झोपड़ियों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह कार्रवाई की गई जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश है। प्रभावित लोगों को उसी रात तेज तूफान और बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे समय बिताना पड़ा। किसी तरह प्लास्टिक और तिरपाल के सहारे उन्होंने रात गुजारी। नयापाड़ा में बर्धमान रोड के पास हाईड्रेन के ऊपर बनी 10-12 झोपड़ियों में लोग रहते थे और कुछ लोग वहीं छोटी दुकानें भी चलाते थे। स्थानीय निवासी प्रिया साहनी ने बताया कि दोपहर में अचानक बुलडोज़र चलाकर घर और दुकानें तोड़ दी गईं।
घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष और सीपीएम प्रत्याशी जय चक्रवर्ती मौके पर पहुंचे। शंकर घोष ने बिना नोटिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार विभाग की स्पष्टता की मांग की। हालांकि सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में एक बड़े हाईड्रेन निर्माण की योजना है, जिसके तहत जमीन खाली कराई जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन के किसी विभाग ने आधिकारिक रूप से बुलडोजर कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है। नगर निगम के डिप्टी मेयर ने भी इस घटना से अनभिज्ञता जताई है।
इधर शुक्रवार रात आए तूफान और बारिश ने उत्तर बंगाल के कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मयनागुड़ी और मालदा में खेतों में जलभराव से बैंगन, मक्का, आलू और लीची की फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि पानी भरने और तेज बारिश से उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।