ओडिशा में रखी गई दो हजार करोड़ रुपये की 3डी ग्लास यूनिट की नींव

  • Apr 19, 2026
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भुवनेश्वर,19 अप्रैलः

ओडिशा ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को खुर्दा के इन्फोवैली में 2,000 करोड़ रुपये की 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट की आधारशिला रखी।

यह परियोजना 3D ग्लास सल्यूशन द्वारा स्थापित की जा रही है, जिससे करीब 2,500 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे ओडिशा देश में उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण का उभरता केंद्र बन सकेगा।

 इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा कि यह संयंत्र ओडिशा में औद्योगिक और तकनीकी विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने बताया कि यह यूनिट पहली बार भारत में उन्नत ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग कंपोनेंट्स का निर्माण करेगी, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य माने जाते हैं।

 मुख्यमंत्री माझी ने इस परियोजना को ओडिशा और भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली उन्नत 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग सुविधा होगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेगी।

 ओडिशा में बढ़ते निवेश आकर्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंटेल, लॉकहीड मार्टिन और एप्लाइड मैटेरियल्स जैसी प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस परियोजना से जुड़ी हैं, जो राज्य के औद्योगिक वातावरण में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

 उन्होंने बताया कि ओडिशा में पहले ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का सेमीकंडक्टर निवेश आ चुका है और RIR पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और SiCSEM जैसी कंपनियों ने राज्य में अपनी यूनिटें स्थापित कर चुकी हैं।

 माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में ओडिशा अहम भूमिका निभाएगा और पूर्वी भारत में इसका लॉन्चपैड बनेगा।

 उन्होंने राज्य की पांच प्रमुख ताकतोंप्राकृतिक संसाधन, मजबूत बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रभावी प्रशासनका उल्लेख करते हुए कहा कि इन कारणों से ओडिशा निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

 युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे एक सुनहरा अवसर बताया और छात्रों व इंजीनियरों से इस उभरते क्षेत्र में कौशल विकसित करने का आह्वान किया।

 अधिकारियों के अनुसार, यह यूनिट शुरू होने के बाद हर साल 70,000 ग्लास पैनल, 5 करोड़ असेम्बल्ड यूनिट्स और 13,200 उन्नत 3डीएचआई मॉड्यूल का उत्पादन करेगी।

 इस कार्यक्रम में राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग, मुख्य सचिव अनु गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव, केंद्रीय आईटी विभाग के अतिरिक्त सचिव अमितेश कुमार सिन्हा, 3डी ग्लास सॉल्यूशंस के अध्यक्ष एवं सीईओ बाबू मंडावा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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