रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने खुले बाजार में एलपीजी की उपलब्धता पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। अब गैस की स्वतंत्र बिक्री नहीं होगी और पांच किलोग्राम वाले सिलेंडरों की रिफिलिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है।
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने यह घोषणा करते हुए बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस संघर्ष के चलते खुले बाजार में गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए उचित दर पर एलपीजी प्राप्त करना मुश्किल हो गया था।
मंत्री ने कहा कि उभरते एलपीजी संकट को देखते हुए सरकार ने खुले बाजार में गैस बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही अब पांच किलोग्राम सिलेंडरों में गैस भराई नहीं की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दुरुपयोग रोकने के लिए सभी गैस लेनदेन में अब ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है।
अब केवल वही उपभोक्ता अधिकृत गैस एजेंसियों से सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे, जिनके नाम पर वैध एलपीजी कनेक्शन पंजीकृत होगा। हालांकि मंत्री पात्र ने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य में गैस या पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और न ही किसी प्रकार का कालाबाजार सामने आया है। घरेलू एलपीजी की आपूर्ति स्थिर है तथा नियमित घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
यह निर्णय वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है कि सब्सिडी वाली एलपीजी वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, खासकर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े प्रभाव के बीच। सरकार दीर्घकाल में सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रमुख शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार को भी तेज कर रही है।