ओडिशा सरकार ने राज्यभर में सभी सड़क प्राधिकरणों और शहरी निकायों को सड़कों की नियमित रूप से झाड़ू लगाकर सफाई करने का निर्देश दिया है। यह कदम हाल के महीनों में हुई कई गंभीर और घातक सड़क दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनमें सड़कों पर पड़ी रेत, मिट्टी और निर्माण मलबे के कारण—खासकर दोपहिया वाहन—फिसल गए थे।
यह परिपत्र ओडिशा के परिवहन आयुक्त-सह-राज्य परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष के कार्यालय की ओर से जारी किया गया है। इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ओडिशा), राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों के मुख्य अभियंताओं, नगर आयुक्तों तथा सभी एनएसी और नगरपालिकाओं के कार्यपालक अधिकारियों को संबोधित किया गया है। इसमें कहा गया है कि भले ही प्रवर्तन एजेंसियां रेत और निर्माण सामग्री के असुरक्षित परिवहन पर नजर रखती हैं, लेकिन सड़कों को सुरक्षित बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित सड़क स्वामित्व वाले प्राधिकरणों की ही है।
नए निर्देशों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सड़कों तथा शहरी मुख्य और कलेक्टर सड़कों पर रोड-स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, खनन क्षेत्रों और अधिक यातायात वाले मार्गों पर सफाई की आवृत्ति बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों को उच्च जोखिम वाले स्थानों—जैसे मोड़, चौराहे, ढलान और शहरी मर्ज पॉइंट—की सूची बनाए रखने और वहां अतिरिक्त निगरानी व सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। फील्ड इंजीनियरों और नगर निकाय अधिकारियों को आरटीओ और पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त निरीक्षण करने तथा जहां बार-बार समस्या आती है वहां निवारक उपाय लागू करने को कहा गया है।
परिवहन आयुक्त ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का पालन न करना वैधानिक कर्तव्य में लापरवाही माना जाएगा, जिसके लिए कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने सड़क प्राधिकरणों से दुर्घटनाओं में कमी लाने और ओडिशा भर में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का आह्वान किया है।