छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की जांच कराए जाने की घोषणा की। सदन में सत्ता पक्ष के ही विधायकों के स्मार्ट सिटी के कार्य में भ्रष्टाचार को लेकर घेरा, जिसके बाद मंत्री ने जांच की घोषणा की। सत्ता पक्ष के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 30 करोड़ का काम हुआ है। अकेले म्यूजिकल फाउंटेन में 5.24 करोड़ का खर्च हुआ है। हमारी शिकायत पर ही केंद्र सरकार ने जांच कराई थी। जांच में 18 लाख खर्च हुए थे, जांच रिपोर्ट पटल पर रखी जाए।सुनील सोनी के अलावा भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने भी स्मार्ट सिटी के कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि किसी भी शिकायत और गड़बड़ी का परीक्षण कराएंगे। दोषी पर कारवाई भी होगी। सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने में ध्यानाकर्षण में शिरपुर महोत्सव में आय-व्यय एवं संचालन व्यवस्था में अनियमितता का मुद्दा उठाया। जवाब देते हुए संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि महोत्सव के आयोजन के लिए 15 लाख रुपए का आबंटन किया गया। चिन्हारी पोर्टल में सभी जानकारी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 10 लाख रुपए प्रचार के लिए खर्च किया गया। यह कहना उचित नहीं है कि अनियमितता हुई है। बाहर से आए गेस्ट को कोई भुगतान नहीं किया है। इस पर द्वारकाधीश यादव ने कहा कि हंसराज रघुवंशी 60 लाख रुपए एक कार्यक्रम का लेता है। इस पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह कहना गलत है कि बाहर से आए गेस्ट कलाकार को भुगतान नहीं किया गया। मंत्री ने बताया कि प्रशासन के द्वारा ऑनरिकॉर्ड भुगतान किया गया है। इस पर विधायक ने कहा कि क्या भुगतान का जांच करेंगे। इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जांच करने की बात कही।