3.67 करोड़ रुपये का घोटाला, आबकारी विभाग के दो कर्मचारी गिरफ्तार

  • Apr 03, 2026
Khabar East:Two-Excise-Department-Staff-Arrested-In-Sambalpur-For-Rs-367-Cr-Fraud
भुवनेश्वर,03 अप्रैलः

संबलपुर पुलिस ने 2022 से 2025 के बीच सरकारी धन के कथित ₹3.67 करोड़ से अधिक के गबन मामले में आबकारी विभाग के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

संबलपुर के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार भामू ने बताया कि आरोपियों की पहचान निलंबित जूनियर असिस्टेंट संदीप कुमार पटनायक और सेवानिवृत्त आबकारी सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) शरत चंद्र बेहरा के रूप में हुई है।

 पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले का एक अन्य आरोपी, सेवानिवृत्त आबकारी एएसआई अच्युत देहुरी, अभी फरार है।

 यह घोटाला आबकारी विभाग के वित्तीय अभिलेखों के ऑडिट के दौरान सामने आया, जिसमें प्रधान महालेखाकार (ए एंड ई), ओडिशा सहित संबंधित अधिकारियों ने गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया।

 उत्तरी संभाग, संबलपुर के प्रभारी उप आबकारी आयुक्त अशोक कुमार सेठ द्वारा दर्ज लिखित शिकायत के आधार पर ऐंथापाली थाना पुलिस ने 9 मार्च को मामला (संख्या 73/26) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।

 जांच के दौरान पता चला कि आईएफएमएस (IFMS) पोर्टल के माध्यम से देहुरी के पक्ष में कई अनधिकृत स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) जारी किए गए, जिसके चलते नवंबर 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच पेंशन और वेतन बकाया की अतिरिक्त निकासी की गई। बिल रजिस्टर और कैश बुक जैसे आधिकारिक रिकॉर्ड में भी कथित तौर पर हेरफेर किया गया और उनका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया।

पुलिस के अनुसार, बैंक खातों के विश्लेषण में बड़े नकद निकासी और सहयोगियों के खातों में धन हस्तांतरण जैसे संदिग्ध लेनदेन सामने आए, जो सरकारी धन के गबन और दुरुपयोग की ओर संकेत करते हैं।

स्थापना संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे पटनायक को धन की हेराफेरी में कथित भूमिका के आरोप में 28 मार्च को गिरफ्तार किया गया, जबकि बेहरा को 31 मार्च को गिरफ्तार किया गया।

 आरोप है कि दोनों ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया, फर्जी स्वीकृतियां जारी कीं और सरकारी धन को दूसरी जगह मोड़ दिया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

पुलिस अब तक पटनायक के पास से ₹23.46 लाख जब्त कर चुकी है, जबकि ठगी की राशि में से ₹44 लाख विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज किए गए हैं।

फरार आरोपी की तलाश और घोटाले के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

Author Image

Khabar East

  • Tags: