ओडिशा में आगामी जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण अप्रैल में शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के जनगणना संचालन निदेशक निखिल पवन कल्याण ने दी। पहले चरण में मकान सूचीकरण (हाउस-लिस्टिंग) का कार्य किया जाएगा। इस दौरान जनगणना कर्मी आवासीय भवनों की पहचान कर उन्हें क्रमांकित करेंगे और घरों में उपलब्ध सुविधाओं व संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। दूसरे चरण में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें राज्यभर के निवासियों का व्यक्तिगत जनसांख्यिकीय विवरण दर्ज किया जाएगा।
इस व्यापक प्रक्रिया के लिए पूरे ओडिशा में करीब एक लाख गणनाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक गणनाकर्मी को लगभग 200 घरों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि एक पर्यवेक्षक छह गणनाकर्मियों के कार्य की निगरानी करेगा। जनगणना कार्य में शामिल कर्मियों को 25,000 का मानदेय दिया जाएगा।
जनगणना की तैयारियां पिछले छह महीनों से चल रही हैं। भुवनेश्वर और कटक में पहले ही ट्रायल सर्वे किए जा चुके हैं। साथ ही, नवगठित अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (NAC) और नगरपालिकाओं की प्रशासनिक सीमाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। आने वाले तीन महीनों में जनगणना कर्मियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आंकड़ों का संग्रहण सुचारू और त्रुटिरहित हो सके।
जनगणना से पहले राज्य के विकास आयुक्त ने सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ परामर्श बैठकें की हैं। इसके अलावा, लोक सेवा भवन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विकास आयुक्त ने की। बैठक में जनगणना निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।
आगामी जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। लगभग 90 प्रतिशत आंकड़े ऑनलाइन माध्यम से एकत्र किए जाएंगे। जो नागरिक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) करना चाहेंगे, वे आधिकारिक जनगणना वेबसाइट पर ओटीपी आधारित मोबाइल प्रमाणीकरण के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक बार ही किया जा सकेगा और एप्लिकेशन में स्क्रीनशॉट लेने जैसी सुविधाओं पर प्रतिबंध रहेगा।