ओडिशा के वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) और इसके बिना वाहन चलाने पर लगाए जाने वाले 10,000 के जुर्माने को लेकर विपक्षी दल पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
जेना ने कहा कि यह जुर्माने का प्रावधान वर्ष 2019 में तत्कालीन बीजू जनता दल (बीजद) सरकार द्वारा लागू किया गया था और अब वही सरकार इसकी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार इस जुर्माने की राशि को कम करने की योजना बना रही है।
मंत्री ने बताया कि प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2019 में जहां केवल 52 केंद्र थे, वहीं अब राज्य में 1,500 से अधिक पंजीकृत केंद्र हैं और 2,000 से ज्यादा सक्रिय मशीनें कार्यरत हैं। इसके अलावा, नए केंद्रों को आवेदन के 24 घंटे के भीतर अनुमति दी जा रही है।
इसके बावजूद, जेना ने चिंता जताई कि ओडिशा में केवल 21 प्रतिशत वाहनों के पास ही पीयूसीसी है, जिससे नियमों का सख्ती से पालन कराना आवश्यक हो गया है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार जनहित, पर्यावरण संरक्षण और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनता की मांगों के आधार पर फैसलों पर पुनर्विचार करने के लिए भी तैयार है।