रायगढ़ा में एडीजी के समक्ष 15 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

  • Feb 07, 2026
Khabar East:15-Maoists-Surrender-Before-ADG-Anti-Naxal-Operations-At-Rayagada
भुवनेश्वर,07 फरवरीः

ओडिशा में माओवादी विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को 15 हार्डकोर माओवादियों ने रायगढ़ा जिला पुलिस कार्यालय (डीपीओ) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ओडिशा पुलिस के एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) संजीव पंडा के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया।

कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने स्वेच्छा से हथियार डालते हुए अपने हथियार एडीजी पंडा को सौंपे, जो हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के उनके निर्णय का प्रतीक है।

इस अवसर पर एडी संजीव पंडा ने कहा कि 15 माओवादियों का आत्मसमर्पण क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद की कमजोर होती पकड़ और सरकार की विकासोन्मुख तथा जन-केंद्रित नीतियों पर भटके हुए युवाओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि एसओजी, डीवीएफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ द्वारा किए गए निरंतर अभियानों से माओवादियों का आधार काफी कमजोर हुआ है।

 एडीजी ने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे, जिनमें वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास शामिल हैं, ताकि वे सम्मानजनक ढंग से समाज में पुनः एकीकृत हो सकें।

 आत्मसमर्पण करने वाले 15 माओवादियों में निखिल और इंदु भी शामिल हैं, जो दोनों स्टेट कमेटी सदस्य हैं और जिन पर 55-55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस 15 सदस्यीय समूह में 2 स्टेट कमेटी सदस्य, 1 डिविजनल कमेटी सदस्य, 5 एरिया कमेटी सदस्य और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं। सभी पर कुल मिलाकर 1.98 करोड़ रुपये का इनाम था।

 इन माओवादियों ने 14 हथियार आत्मसमर्पित किए, जिनमें 2 एके-47 राइफल, 5 एसएलआर, 1 इंसास, 1 स्टेन गन, 1 .303 राइफल, 4 सिंगल शॉट हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद शामिल है। इन हथियारों पर घोषित इनाम की राशि लगभग 16 लाख रुपये है।

 यह समूह बीजीएन डिविजन (बंशधारा, घुमन, नागावली) से संबंधित था और रायगढ़ा, कंधमाल, गजपति और कलाहांडी जिलों में सक्रिय था।

 निखिल वर्ष 2004 में माओवादी संगठन में शामिल हुआ था और 2008 से बीजीएन डिविजन में सक्रिय था। दिसंबर 2025 में कंधमाल में सेंट्रल कमेटी सदस्य गणेश उइके के मारे जाने के बाद निखिल राज्य में माओवादियों का सबसे वरिष्ठ नेता बन गया था।

 इस कार्यक्रम में अमितेंद्र नाथ सिन्हा (आईजी, सीआरपीएफ), दीपक कुमार (आईजी, ऑपरेशन), अखिलेश्वर सिंह (डीआईजी, एसआईडब्ल्यू), विशाल सिंह (डीआईजी, कोरापुट), आशुतोष कुलकर्णी (कलेक्टर, रायगढ़ा), स्वाति (एसपी, रायगढ़ा), हरीश बीसी (एसपी, कंधमाल) और नागराज (एसपी, कालाहांडी) उपस्थित थे। अब तक नुआपड़ा, नवरंगपुर, मलकानगिरी, कोरापुट और बौध जिले पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुके हैं।

एडीजी पंडा ने अन्य माओवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने की अपील की और आत्मसमर्पण नीति के तहत हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

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