ओडिशा राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा पंचायत निकायों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायत चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराए जाएंगे। चुनाव की तैयारियां पहले ही अनुमंडल (सब-डिविजन) स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। पिछले 10 दिनों के दौरान जिला कलेक्टरों के साथ बैठकें आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और लॉजिस्टिक व्यवस्था को सुचारु बनाने पर चर्चा हुई। मतदान केंद्रों की तैयारी, मतपेटियों और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के मद्देनजर उपचुनावों को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्राथमिकता पूरे ओडिशा में पंचायत चुनावों को समय पर और कुशलता से संपन्न कराने की है।
अधिकारियों के अनुसार, तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जा रही हैं, जिसकी शुरुआत अनुमंडल स्तर से होकर जिला स्तर तक की जा रही है। उद्देश्य निर्वाचन तंत्र को मजबूत करना है, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
यह घोषणा स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने में पंचायत चुनावों के महत्व को रेखांकित करती है और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।