जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) दीपक पाढ़ी ने पुरी शिक्षा जिले के अंतर्गत आने वाले माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों के 72 प्रधानाध्यापकों और प्रधानाध्यापिकाओं के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई सर्पदंश (सांप काटने) और आकाशीय बिजली से संबंधित जागरूकता अभियानों की रिपोर्ट जमा न करने के कारण की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, पिछले वर्ष मानसून के दौरान गांव स्तर पर आकाशीय बिजली गिरने और सर्पदंश से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रत्येक प्रधानाध्यापक को 4,500 रुपये प्रदान किए गए थे। लेकिन संबंधित प्रधानाध्यापकों द्वारा न तो जागरूकता शिविर आयोजित किए गए और न ही अभियानों से संबंधित कोई रिपोर्ट या जानकारी कार्यालय में जमा की गई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है,
“आपको सूचित किया जाता है कि कई बार स्मरण कराए जाने के बावजूद लाइटनिंग अवेयरनेस प्रोग्राम एवं स्नेक बाइट डेथ रिडक्शन प्रोग्राम से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) जमा नहीं करने के कारण, संलग्न सूची में उल्लिखित प्रधानाध्यापकों/प्रधानाध्यापिकाओं का जनवरी 2026 माह का वेतन आगामी आदेश तक रोका जाता है।”