राज्य सरकार ने देश की सबसे बड़ी खारे पानी की झील चिलिका के संरक्षण के लिए वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच विभिन्न परियोजनाओं हेतु कुल 6155.09 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह जानकारी वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने दी।
मंत्री ने यह जवाब विधायक गणेश्वर बेहरा द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दिया। वर्ष 2019-20 में 998 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि 2020-21 में यह राशि बढ़ाकर 1313.50 करोड़ रुपये कर दी गई। वर्ष 2021-22 में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
चिलिका विकास प्राधिकरण ने 2019-20 से 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें जल की गुणवत्ता और मात्रा बनाए रखने के लिए डी-सिल्टेशन (गाद हटाने) कार्य, जलीय जैव विविधता का संरक्षण, आर्द्रभूमि क्षेत्रों का सीमांकन और जागरूकता कार्यक्रम, तथा वैज्ञानिक निगरानी शामिल हैं।
इसके अलावा प्रवासी पक्षियों के आवासों का संरक्षण भी किया जा रहा है। संरक्षण कार्यों को मजबूत करने के लिए बैकहो लोडर और फेरी क्राफ्ट जैसे उपकरणों की भी खरीद की गई है।