पश्चिम बंगाल की सत्ता के लिए सबसे बड़ी जंग की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार बंगाल का मुकाबला दो चरणों में होगा। सूबे में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि 4 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे। पिछली बार 8 फेज में हुई वोटिंग ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन इस बार सिर्फ दो चरणों में चुनाव होने जा रहे हैं। तारीखों के ऐलान के साथ ही बंगाल की राजनीति गरमा गई है।
पिछली बार 2021 में हुए चुनावों में वोटिंग आठ फेज में हुई थी। पहले चरणें की सीटों पर मतदान 27 मार्च को हुआ था, जबकि आठवें और अंतिम चरण की विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने 29 अप्रैल को मतदान किया था। सूबे में दूसरे फेज की सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण में 6 अप्रैल, चौथे चरण में 10 अप्रैल को मतदान हुआ था। पांचवें चरण की सीटों पर 17 अप्रैल और छठे चरण की सीटों पर 22 अप्रैल को मतदान हुआ था। सातवें फेज की सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें फेज की सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।
बतादें कि इस बार पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने एकला चलो का नारा दे दिया है। बीजेपी भी अकेले ताल ठोकने को तैयार है। वहीं, कांग्रेस के भीतर भी यह स्वर उठ रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में पार्टी लेफ्ट से गठबंधन किए बगैर अकेले मैदान में उतरे। हालांकि, कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। हुमायूं कबीर की अगुवाई में नई पार्टी भी चुनावी डेब्यू को तैयार है।