ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देते हुए स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें केंदुझर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) शुरू करने का निर्णय शामिल है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
इस डिजिटल मिशन का उद्देश्य अपॉइंटमेंट, बुकिंग, रेफरल और फॉलो-अप जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण करना है, जिससे मरीजों का इंतजार समय कम होगा और स्वास्थ्य अवसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री माझी ने जिला मुख्यालय अस्पतालों (DHHs) में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) पाठ्यक्रम शुरू करने का भी निर्णय लिया है, ताकि डॉक्टरों के कौशल को और निखारा जा सके। इससे डॉक्टरों को व्यावहारिक और नैदानिक प्रशिक्षण के साथ विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा, आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और लोकप्रिय बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने आयुष डॉक्टरों को केवल ‘आयुर्वेदिक दवाएं’ ही लिखने और एलोपैथिक दवाएं न लिखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ओडिशा में आयुष डॉक्टरों की सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके।