झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात महिला आरक्षियों की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह आदेश अपर पुलिस महानिदेशक, झारखंड, रांची के कार्यालय की ओर से जारी किया गया है। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने राज्य के विभिन्न थानों में मुंशी के पद पर आईआरबी (IRB), जैप (JAP) और एसआईआरबी (SIRB) के जवानों की पोस्टिंग से संबंधित आदेश को रद्द कर दी है। महिला मुंशियों की प्रतिनियुक्ति का आदेश तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता के समय जारी किया गया था। आदेश लागू होने के बाद से ही विभाग के अंदर विवाद खड़ा हो गया था। जैप की एडीजी प्रिया दुबे ने इस आदेश पर कड़ा एतराज जताया था। उन्होंने दो अक्टूबर 2025 को डीआईजी (कार्मिक) को पत्र लिखकर कहा था कि थानों में मुंशी के पद पर आईआरबी और जैप के जवानों की पोस्टिंग नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इसके लिए बनी तबादला समिति से स्वीकृति नहीं ली गई थी और न ही जैप मुख्यालय ने सहमति दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि थानों में मुंशी की पोस्टिंग का अधिकार केवल संबंधित जिले के एसपी को दिया गया है।
दरअसल, 25 सितंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय के आदेश से 212 जवानों की तैनाती थानों में मुंशी के पद पर की गई थी। इससे पहले, 3 और 23 जुलाई 2025 को सीआईडी डीजी स्तर से 89 महिला पुलिसकर्मियों को महिला थानों में तैनात किया गया था, जिसकी जानकारी भी एडीजी जैप को नहीं दी गई थी। विवाद बढ़ने के बाद मामले की समीक्षा की गई और अंततः डीजीपी ने आदेश रद्द करते हुए कहा कि भावी पोस्टिंग नियमों के अनुरूप एवं विभागीय सहमति से ही की जाए। पुलिस मुख्यालय से आदेश संख्या 1015/गो दिनांक 25.09.2025 के तहत राज्य के अलग‑अलग जिलों में महिला आरक्षियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इस व्यवस्था पर 29.09.2025 को उठे बिंदुओं और आपत्तियों के आलोक में अपर पुलिस महानिदेशक, झारखंड, रांची के कार्यालय द्वारा पुनर्विचार किया गया। पुनर्विचार के बाद जारी ताजा आदेश में संबंधित सभी जिला बलों/इकाइयों से प्रतिनियुक्त महिला आरक्षियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, निरस्त एवं रद्द कर दी गई है।