मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ओडिशा जिला राजस्व सेवा (भर्ती की पद्धति एवं सेवा की शर्तें) नियम, 1983 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। संशोधित नियम अब "ओडिशा जिला राजस्व सेवा (भर्ती की पद्धति एवं सेवा की शर्तें) संशोधन नियम, 2026" के नाम से लागू होंगे।
सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना तथा कर्मचारियों की पदोन्नति में आ रही रुकावटों को दूर करना है।
प्रमुख प्रावधान
दो नए मध्यवर्ती कैडर का गठन: जिला राजस्व सेवा ढांचे में सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) लेवल-2 और अमीन लेवल-2 नाम से दो नए मध्यवर्ती कैडर बनाए गए हैं।
केवल पदोन्नति से होगी नियुक्ति: इन लेवल-2 पदों पर कोई सीधी भर्ती नहीं होगी। नियुक्ति केवल मौजूदा एआरआई और अमीन कैडर से पदोन्नति के आधार पर की जाएगी।
पदोन्नति के लिए पात्रता: एआरआई और अमीन, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक वाले वर्ष की 1 जनवरी तक कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी करने पर लेवल-2 पदोन्नति के पात्र होंगे। चयन योग्यता-सह-वरिष्ठता (Merit-cum-Seniority) के आधार पर होगा।
राजस्व निरीक्षक (आरआई) बनने का नया प्रावधान: अब राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए कर्मचारी को या तो लेवल-2 में लगातार तीन वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी, अथवा मूल कैडर और लेवल-2 दोनों को मिलाकर कुल छह वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी।
अनुपातिक पदोन्नति: राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति संबंधित कैडर में कार्यरत नियमित कर्मचारियों की संख्या के अनुपात में की जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था से जमीनी स्तर के राजस्व कर्मचारियों को बेहतर कैरियर उन्नति का अवसर मिलेगा, समय पर पदोन्नति सुनिश्चित होगी और कर्मचारियों की कार्यकुशलता, मनोबल तथा राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 के संशोधित नियमों के लागू होने के साथ प्रभावी होगी।