गंजाम में डीप डिप्रेशन का खतरा, 23-24 सितंबर को रेड अलर्ट

  • Sep 21, 2026
Khabar East:Deep-Depression-Ganjam-On-High-Alert-Red-Warning-For-Sept-23-24
गंजाम,21 सितंबरः

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में तब्दील होने और गंजाम जिले के करीब से गुजरने की संभावना के बीच जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल जिले में ऑरेंज वार्निंग लागू है, जबकि 23 और 24 सितंबर के लिए रेड वार्निंग जारी की गई है। इस दौरान जिले में भारी बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला और ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। गंजाम के कलेक्टर वी. कीर्ति वासन ने कहा कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

 भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। उन्होंने किसानों को भी अगले तीन से चार दिनों तक खेतों में जाने से बचने की सलाह दी है।

 बाढ़ और जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और सभी ब्लॉकों में चक्रवात एवं बाढ़ आश्रय केंद्रों को तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर नदी और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। दिगपहंडी और सानखेमुंडी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि पिछले साल भारी बारिश के बाद इन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी थी।

 प्रशासन ने कलिंग घाट में भूस्खलन की आशंका वाले हिस्सों की भी पहचान की है और वहां फायर सर्विस तथा ओडीआरएएफ की टीमें तैनात की गई हैं। स्थिति बिगड़ने पर कंधमाल जिला प्रशासन से चर्चा के बाद कलिंग घाट से यातायात नियंत्रित करने का फैसला लिया जाएगा। पात्रपुर ब्लॉक के तुम्बा और चिकिटी के नदी किनारे के इलाकों को भी संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।

 अधिकारियों को फील्ड विजिट करने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पुलिस,ओडीआरएएफ, फायर सर्विस, राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण विकास विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। बिजली विभाग को खंभों या तारों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में तत्काल मरम्मत एवं बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

 बारिश की स्थिति को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद करने पर फैसला लिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को अपने मुख्यालय से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि छुट्टी पर गए कर्मचारियों को तत्काल वापस लौटने को कहा गया है। राजस्व निरीक्षक (आरआई) और पंचायत कार्यकारी अधिकारियों (पीआईओ) को भी अपने-अपने मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, बाघलती और घोड़ाहाड़ा जलाशयों में अभी भी करीब 50-60 प्रतिशत भंडारण क्षमता उपलब्ध है। कलेक्टर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जलाशयों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाएगा। इससे पहले माइकिंग के जरिए लोगों को इसकी सूचना दी जाएगी।

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