ओडिशा के सभी 30 जिलों में आज से पहली बार आयोजित हो रही डिजिटल जनगणना 2026 (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना) का घर-घर जाकर सर्वेक्षण चरण शुरू हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में 90,200 से अधिक गणनाकार (एन्यूमरेटर) घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इस बड़े अभियान की निगरानी के लिए जनगणना संचालन निदेशालय ने 15,140 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
प्रत्येक गणनाकार को लगभग 800 लोगों को कवर करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके तहत उन्हें 200 से 220 घरों का दौरा कर नंबरिंग करनी होगी। इस दौरान अधिकारी परिवार के मुखिया से 33 प्रश्न पूछेंगे और मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल रूप से जानकारी दर्ज करेंगे। यह डोर-टू-डोर सर्वे 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगा।
इससे पहले 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) चरण आयोजित किया गया था, जिसमें नागरिकों को अपने मोबाइल फोन के जरिए आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया गया था।
यह पहली बार है जब भारत में लोगों को डिजिटल माध्यम से स्वयं जनगणना में भाग लेने का विकल्प मिला है। जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, क्योंकि भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना हो रही है, जिसमें अधिक सटीकता और दक्षता के लिए स्व-गणना और पारंपरिक घर-घर सर्वेक्षण दोनों को शामिल किया गया है।