बिहार में राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में गणतंत्र दिवस समारोहों का आयोजन किया गया है। पटना के गांधी मैदान में 77 वें गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर सुबह ठीक 9:00 बजे बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने गांधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर मुख्यमंत्र नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे। झंडोत्तोलन के समय पूरे मैदान में खड़ी भीड़ ने एक साथ तिरंगे को सलाम किया और राष्ट्रगान “जन गण मन” गाया। इस दृश्य ने देशभक्ति की भावना को और भी मजबूत कर दिया। झंडे के लहराने के साथ ही वातावरण में एक अनोखा उत्साह और आत्मविश्वास दिखाई दिया। झंडोत्तोलन के बाद मार्च पास्ट की शुरुआत हुई, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस और पैरामिलिट्री बलों के जवानों ने अपनी शानदार परेड दिखाई। मार्च पास्ट में शामिल स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी रंग-बिरंगे पोशाकों में परेड कर लोगों का मन मोह लिया। परेड के दौरान विभिन्न झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। राज्यपाल द्वारा मार्च पास्ट को सलामी दी गई, जो कि इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। सलामी के समय परेड में शामिल सभी जवान और छात्र-छात्राएं अपनी-अपनी अनुशासन और दृढ़ता के साथ मार्च करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध भी किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस अवसर पर कई उच्च अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा) सहित कई मंत्री, अधिकारी और सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने के साथ-साथ देश के संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश की प्रगति, बिहार में विकास कार्यों और युवा पीढ़ी की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस का यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि हमारा देश संविधान के आधार पर एक मजबूत लोकतंत्र है। यह दिन हमें एकता, अखंडता और समानता का संदेश देता है। देश के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान के आदर्शों का पालन करे और अपने देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे। बिहार में इस अवसर पर आयोजित सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य यही था कि आने वाली पीढ़ी को भी देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।