केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे और वहां से कटक के मुंडली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक भारत नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री प्रभाति परिड़ा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोमोहन सामल और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे मुंडली पहुंचे, जहां सीआईएसएफ के स्थापना दिवस के आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में सीआईएसएफ के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर मैं सीआईएसएफ के जवानों और उनके परिवारों को देश की सुरक्षा के लिए धन्यवाद देता हूं। भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है, और उस विकास की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक औद्योगिक सुरक्षा बल आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि पिछले 56 वर्षों में सीआईएसएफ ने न केवल अपनी जिम्मेदारी को मजबूती से निभाया है, बल्कि समय के साथ खुद को भी विकसित किया है।
अमित शाह ने कहा कि CISF ने परंपराओं को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक और हथियारों को भी अपनाया है। उन्होंने कहा कि वीरता, त्याग और आत्मसंयम भारत के गौरवशाली इतिहास की पहचान रहे हैं। इन गुणों को समर्पण और आधुनिक हथियारों के साथ जोड़कर सीआईएसएफ ने हर चुनौती का सामना करने का साहस दिखाया है। इसके लिए मैं बल के सभी जवानों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। मैं देश के नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि 31 मार्च तक भारत नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के कारण देश अब इस समस्या से मुक्ति के करीब पहुंच गया है।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रयास में CISF की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चाहे ओडिशा हो, छत्तीसगढ़ हो या तेलंगाना, CISF ने नक्सलवाद के खात्मे में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने आगे कहा, “तिरुपति से पशुपति तक रेड कॉरिडोर बनाने का सपना देखने वालों को हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह परास्त करेंगे और अपना वर्चस्व स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हमारे सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि होगी।
अमित शाह ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश के औद्योगिक विस्तार में भी सीआईएसएफ की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद किया, जिनमें शहीद राजगुरु, बक्शी जगबंधु, वीर सुरेंद्र साय और देश के सबसे कम उम्र के शहीद बाजी राउत शामिल हैं।