राजधानी पटना से रविवार सुबह एक बड़ी खबर सामने आई है। पीरबहोर थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव और पीएमसीएच इलाके में पुलिस और कुख्यात अपराधी अमित कुमार उर्फ नीतीश के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। मौके से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मरीन ड्राइव और पीएमसीएच इलाके में कोई बड़ी आपराधिक वारदात होने वाली है। इस आधार पर पटना पुलिस, डीआईयू और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सुबह-सुबह इलाके में विशेष निगरानी और घेराबंदी शुरू की। संदिग्ध गतिविधि देखकर जब पुलिस ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हथियार निकालने का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमित कुमार उर्फ नीतीश कुख्यात सुबोध सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य है। सुबोध सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद है, लेकिन वहां से अपने नेटवर्क के माध्यम से आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा है। अमित वैशाली जिले का मूल निवासी है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह शार्प शूटर के रूप में जाना जाता है। 27 जनवरी 2025 को पटना सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान सुबोध सिंह गैंग के रोशन उर्फ ततीया की हत्या की साजिश रची गई थी। अमित और उसके साथी पीयूष इस हत्या को अंजाम देने पहुंचे थे। पुलिस को भनक लगने पर पीयूष को पकड़ लिया गया, जबकि अमित फरार हो गया। पुलिस अब अमित से पूछताछ कर रही है कि उसने किस गैंग से सुपारी ली थी और पूरी साजिश के पीछे कौन था।
जानकारी के अनुसार, रोशन ततीया को पेशी के बहाने पीएमसीएच लाए जाने के दौरान मरीन ड्राइव इलाके में हमला करने की योजना बनाई गई थी। समय रहते पुलिस को इसकी जानकारी हो गई, जिससे साजिश नाकाम रही। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से राजधानी में एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई है।