ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाति परिडा ने मंगलवार को नव-नियुक्त बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्षों और सदस्यों के लिए आयोजित पांच दिवसीय ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को न्याय, सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार संस्थागत क्षमता विकास, बेहतर सेवा वितरण, प्रभावी निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से राज्य की बाल संरक्षण व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है।
यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ओडिशा स्टेट चाइल्ड प्रोटेक्शन सोसाइटी (OSCPS) द्वारा आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य नव-नियुक्त सीडब्ल्यूसी सदस्यों को किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत उनकी वैधानिक जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक कानूनी जानकारी, व्यावहारिक कौशल और प्रक्रियात्मक समझ प्रदान करना है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त-सह-सचिव एवं OSCPS की अध्यक्ष डॉ. मृणालिनी दर्सवाल, आईसीडीएस एवं समाज कल्याण निदेशक तथा OSCPS की निदेशक मोनिषा बनर्जी, महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त सचिव सुमित्रा पटनायक तथा ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (OSCPCR) की अध्यक्ष बबीता पात्र भी उपस्थित थीं।