ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने रविवार को कहा कि शांतिपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए मूल्य आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। यहां रामकृष्ण मिशन के विवेकानंद हॉल में आयोजित “वैल्यू एजुकेशन प्रोग्राम फॉर टीचर्स” के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, “शिक्षा केवल जानकारी का संग्रह नहीं है, बल्कि आंतरिक शांति, शक्ति और चरित्र का विकास भी है।” उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को विचारों में निर्भीक, कर्म में करुणामय और मानवता की सेवा के प्रति समर्पित बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कंभमपति ने कहा कि भारतीय मूल्य सत्य, धर्म, शांति, प्रेम और अहिंसा पर आधारित हैं, जिन्हें केवल पढ़ाया ही नहीं बल्कि दैनिक जीवन में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मूल्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि दैनिक अनुभवों के माध्यम से छात्रों और संस्थानों के आचरण तथा सामाजिक जिम्मेदारी का मार्गदर्शन करें।
राज्यपाल ने शिक्षा, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में रामकृष्ण मिशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित यह मिशन बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास को समाहित करने वाली संतुलित शिक्षा प्रणाली को निरंतर बढ़ावा दे रहा है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने आपसी समझ, सहिष्णुता और संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक प्रगति में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र में निहित होती है।
कार्यक्रम में रामकृष्ण मठ, हैदराबाद के अध्यक्ष स्वामी बोधमयानंद ने भी संबोधित किया, जबकि रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी आत्मप्रभानंद ने स्वागत भाषण दिया। अंत में रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष डॉ. चंडी दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।