ओडिशा सरकार ने निजी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खोलने के नियमों में बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इससे नए स्कूल खोलने की प्रक्रिया आसान होगी, जबकि सभी निजी विद्यालयों के लिए नियमों का पालन और सख्त किया गया है। स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग ने सभी निजी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए ओपनिंग परमिशन और सर्टिफिकेट ऑफ रिकग्निशन (CoR) जारी करने संबंधी संशोधित दिशा-निर्देश अधिसूचित किए हैं। ये नियम सभी माध्यमों के स्कूलों पर लागू होंगे।
नई गाइडलाइन के तहत अब स्कूल खोलने के लिए एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार का कहना है कि इससे नए विद्यालयों की स्थापना में होने वाली प्रक्रियागत देरी कम होगी।
हालांकि, सर्टिफिकेट ऑफ रिकग्निशन (CoR) प्राप्त करने के लिए स्कूलों को निर्धारित पात्रता और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े सभी मानकों का पालन करना होगा। आवेदन करने वाली संस्था का सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 या इंडियन ट्रस्ट्स एक्ट के तहत पंजीकृत होना आवश्यक होगा।
विद्यालयों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ परिसर, पर्याप्त कक्षाएं, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल का मैदान, दिव्यांगों के लिए रैंप तथा अन्य बाल-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, निर्धारित योग्यता और प्रशिक्षण वाले शिक्षकों एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
नियमों के अनुसार, विद्यालयों को बच्चों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 19 और 25 का भी पालन करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत स्कूल खोलने के आवेदन पहले प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास जाएंगे। उनकी स्वीकृति के बाद संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले औपचारिक अनुमति जारी करेंगे।
सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को नियमित निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी निजी विद्यालय RTE Act, 2009 और ओडिशा RTE नियम, 2010 का पालन कर रहे हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।