बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी शहरी निकायों को दुर्गा पूजा के लिए लगाए गए सजावटी गेट और तोरणों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही लक्ष्मी पूजा मंडपों में भी इसी तरह के एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने सभी अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (NAC), नगरपालिकाओं और नगर निगमों को अस्थायी संरचनाएं हटाने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि इन संरचनाओं से आम लोगों की सुरक्षा को खतरा न हो।
एहतियाती उपायों के तहत कटक जिला प्रशासन ने असुरक्षित अस्थायी संरचनाओं, होर्डिंग्स और बैनरों को 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने 27 और 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश तथा तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आयोजक निर्धारित समयसीमा के भीतर इन संरचनाओं को नहीं हटाते हैं, तो कटक नगर निगम (CMC) उन्हें हटाने के लिए अभियान चलाएगा।
जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में संबंधित कार्यपालक अधिकारी असुरक्षित संरचनाओं को हटाने की निगरानी करेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार संबंधित विभागों की मदद से इस कार्रवाई का समन्वय करेंगे।
यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने पूजा समितियों, संस्थानों और आयोजकों से निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना था। शनिवार सुबह 5:30 बजे तक यह एक स्पष्ट निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया।
मौसम प्रणाली के शनिवार को अवदाब (डिप्रेशन) में और 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है।
यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और अधिक तीव्र हो सकती है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है।
बदलती मौसम परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती उपाय तेज कर दिए हैं। विशेष रूप से ऐसी अस्थायी संरचनाओं को हटाने पर जोर दिया जा रहा है, जो तेज हवाओं के कारण गिर सकती हैं या उड़कर लोगों और संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकती हैं।