भुवनेश्वर स्थित ऑपरेशंस मुख्यालय में आयोजित एक सादे समारोह में ओडिशा पुलिस की ऑपरेशंस विंग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच ओडिशा स्पेशल स्ट्राइकिंग फोर्स (ओएसएसएफ) के कर्मियों को कॉरपोरेट सैलरी पैकेज उपलब्ध कराने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर एंटी-नक्सल ऑपरेशंस के डीजी संजीव पंडा, आईपीएस मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ओडिशा पुलिस की ओर से आईजी ऑपरेशंस डॉ. दीपक कुमार, आईपीएस ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जबकि बैंक की ओर से एसबीआई के डीजीएम आशीष कुमार मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।
ओडिशा स्पेशल स्ट्राइकिंग फोर्स (ओएसएसएफ) की चार बटालियनों में करीब 4,000 पूर्व सैनिक कार्यरत हैं। इन्हें ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में मुख्य रूप से एंटी-नक्सल ऑपरेशंस से संबंधित ड्यूटी में तैनात किया गया है।
सैलरी पैकेज के तहत ओएसएसएफ कर्मियों को 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर, 10 लाख रुपये तक एयर एंबुलेंस खर्च की प्रतिपूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक कवर और प्लास्टिक सर्जरी के लिए 10 लाख रुपये तक का खर्च उपलब्ध होगा।
इसके अलावा, परिवार के सदस्यों के लिए रिश्ते अकाउंट के लाभ, पर्सनल लोन तथा 1,999 रुपये सालाना प्रीमियम का भुगतान करने पर पांच लाख रुपये का वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा भी उपलब्ध होगा।
समारोह में एसओजी के कमांडेंट लोचन पसायत, ओएसएसएफ के प्रभारी कमांडेंट रामचंद्र प्रधान, ओएसएसएफ के अधिकारी और एसबीआई के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एंटी-नक्सल ऑपरेशंस के डीजी संजीव पंडा ने ओएसएसएफ कर्मियों के लिए कॉरपोरेट सैलरी पैकेज उपलब्ध कराने के लिए एसबीआई का आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज इलाकों में कठिन परिस्थितियों के बीच ड्यूटी निभा रहे ओएसएसएफ कर्मियों को एसबीआई की ओर से मिलने वाला यह बीमा और अन्य लाभ उनका मनोबल बढ़ाने और उन्हें बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने कहा कि ये लाभ सरकार की ओर से पहले से दिए जा रहे लाभों के अतिरिक्त होंगे।
वर्तमान में ओडिशा स्पेशल स्ट्राइकिंग फोर्स (ओएसएसएफ) की चार बटालियन हैं, जिनमें करीब 4,000 कर्मी कार्यरत हैं। ओएसएसएफ में मुख्य रूप से पूर्व सेना कर्मियों और पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों की भर्ती की जाती है।