ओडिशा विजिलेंस ने भद्रक जिले के चांदबाली सब-ट्रेजरी कार्यालय में हुए करीब 8 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए पूर्व वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार पंडा समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि संतोष कुमार पंडा ने 25 जुलाई 2018 से 4 मई 2023 के बीच इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) में पेंशन संबंधी लेनदेन में हेरफेर कर 8,04,76,146 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया।
विजिलेंस विभाग ने इस मामले में शिव शंकर सामल, देव शंकर सामल, प्रफुल्ल कुमार राउत, संदीप कुमार मित्रा और अभय कुमार पंडा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर बालेश्वर स्थित विशेष विजिलेंस न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया।
विजिलेंस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी ने डिजिटल पेंशन प्रोसेसिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए पहले से प्रोसेस किए गए पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) में हेरफेर किया। असली पेंशन, ग्रेच्युटी और सीवीपी बिल लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने के बाद आरोपी ने अपने आधिकारिक लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर दोबारा सिस्टम में प्रवेश किया और फर्जी ट्रांजैक्शन तैयार किए।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने IFMS पोर्टल के “ग्रेच्युटी पेमेंट” मेन्यू का उपयोग कर वैध PPO विवरणों के आधार पर फर्जी “थर्ड पार्टी गवर्नमेंट पेंशन ऑर्डर (GPO) ID” बनाई और रकम को अपने सहयोगियों के कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया।
आरोप है कि सब-ट्रेजरी अधिकारी ने भी बिना लाभार्थियों और डुप्लीकेट एंट्री की जांच किए अपने अलग लॉगिन क्रेडेंशियल से इन फर्जी बिलों को मंजूरी दे दी।
विजिलेंस के मुताबिक, इस घोटाले में 102 फर्जी ट्रांजैक्शन किए गए और रकम को 37 लोगों से जुड़े 44 बैंक खातों में भेजा गया।
मामले में अन्य लाभार्थियों और शामिल अधिकारियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।