ओरंगुटान की स्वदेश वापसी पर ओडिशा को अब तक आधिकारिक सूचना नहीं

  • Oct 22, 2026
Khabar East:Odisha-Yet-To-Receive-Official-Word-On-Orangutan-Repatriation
भुवनेश्वर,22 अक्टूबरः

ओडिशा सरकार को सितंबर में बालेश्वर जिले के एक जंगल से बचाए गए पांच ओरंगुटान शावकों की स्वदेश वापसी या इंडोनेशिया के वन्यजीव विशेषज्ञों के प्रस्तावित दौरे के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह स्पष्टीकरण जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास की उस घोषणा के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि बचाए गए ओरंगुटानों को जल्द उनके मूल स्थान पर वापस भेजने की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इसके लिए पहले उनके मूल स्थान की पुष्टि होना जरूरी है। फिलहाल ये पांचों ओरंगुटान भुवनेश्वर के पास नंदनकानन चिड़ियाघर में रखे गए हैं।

दूतावास ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया था कि वह नवंबर 2026 में इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय के वन्यजीव विशेषज्ञों के भारत दौरे की व्यवस्था करने में मदद कर रहा है।

 हालांकि, ओडिशा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) पीके झा ने कहा कि राज्य सरकार को प्रस्तावित स्वदेश वापसी के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास नवंबर में इंडोनेशिया के वन्यजीव विशेषज्ञों के संभावित दौरे के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।

नंदनकानन चिड़ियाघर के उपनिदेशक प्रदीप मिरासे ने बताया कि पांचों ओरंगुटानों के रक्त के नमूने एकत्र किए गए हैं, लेकिन उनकी डीएनए जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। इसलिए उनके भौगोलिक मूल स्थान की पुष्टि नहीं हो सकी है।

 मिरासे ने कहा कि हम कैसे कह सकते हैं कि वे इंडोनेशिया के हैं? स्वदेश वापस भेजने की कोई योजना बनाने से पहले हमें उनके मूल स्थान की पुष्टि करनी होगी।

उन्होंने आगे बताया कि नंदनकानन में सभी ओरंगुटान स्वस्थ हैं और देखभाल करने वाले कर्मचारियों की निगरानी में उनका विकास हो रहा है।

 गौरतलब है कि इन पांचों ओरंगुटानों को आठ सितंबर को बचाया गया था। इसके बाद संदिग्ध वन्यजीव तस्करी के मामले की जांच शुरू की गई। ओरंगुटान दक्षिण-पूर्व एशिया के बोर्नियो और सुमात्रा द्वीपों के मूल निवासी हैं।

 इससे पहले सितंबर में ओडिशा के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने कहा था कि राज्य सरकार ने बचाए गए ओरंगुटानों को ओडिशा में रखने की अनुमति के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) को पत्र लिखा है।

 मंत्री ने कहा था कि ओडिशा की जलवायु ओरंगुटानों के अनुकूल है। उनकी विशेष देखभाल की जा रही है और 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। बचाए गए ओरंगुटानों का वजन भी बढ़ा है।

 अब उनकी स्वदेश वापसी के संबंध में आगे की कार्रवाई डीएनए जांच के जरिए उनके मूल स्थान की पुष्टि होने पर निर्भर रहने की संभावना है।

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