ओडिशा पुलिस के पांचवें बैच के कुल 1,027 कांस्टेबल प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया और शनिवार को संबलपुर के बुर्ला स्थित बेसिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (बीटीआई) में आयोजित पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया।
ओडिशा के डीजीपी विनयतोष मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में परेड में शामिल हुए और पास आउट प्रशिक्षुओं की सलामी ली।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए डीजीपी ने प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें बधाई दी और कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान चुनौतियों का साहस और पेशेवर तरीके से सामना करने का आह्वान किया।
उन्होंने जनहितैषी पुलिस व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशिक्षुओं से आम लोगों के प्रति मित्रवत व्यवहार बनाए रखने और व्यावसायिकता, संवेदनशीलता तथा अच्छे व्यवहार के माध्यम से ओडिशा पुलिस की छवि को बेहतर बनाने की अपील की।
ओडिशा पुलिस के ‘सेवा और सुरक्षा’ के आदर्श वाक्य का उल्लेख करते हुए मिश्रा ने कहा कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पुलिस कर्मियों का सर्वोच्च दायित्व होना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान इन 1,027 प्रशिक्षुओं ने पुरी रथयात्रा, सुंदरगढ़ में रामनवमी, सुंदरगढ़, संबलपुर, बालेश्वर और भद्रक में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी, सुंदरगढ़, सुवर्णपुर और झारसुगुड़ा में हनुमान जयंती, मयूरभंज में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के दौरे, सीतल षष्ठी तथा संबलपुर में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान भी ड्यूटी निभाई।
इनडोर विषयों में टिंकू महानंदा और नरेंद्र साहू ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं आउटडोर विषयों में आहुति अग्निकार पलेई और संतोष केसी क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे। डीजीपी ने उन्हें सम्मानित किया।
सुमित थापा को ओवरऑल बेस्ट ट्रेनी चुना गया। वहीं आहुति अग्निकार पलेई, शुभ्रजीत पंडा और हिमांशु बाग को समग्र प्रदर्शन के लिए बेस्ट ट्रेनी के रूप में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में एडीजीपी (SAP) राजेश कुमार, आईजीपी (SAP) सतीश गजभिये, बीटीआई बुर्ला के कमांडेंट प्रसाद तमांग, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद थे।