नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटन स्थलों पर पिकनिक और सैर-सपाटे की योजना बना रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु नववर्ष की शुरुआत ईश्वर की आराधना के साथ करने के लिए मंदिरों और धार्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं। लोगों की मान्यता है कि नए साल के पहले दिन माथा टेककर और प्रार्थना कर सालभर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाए। राजधानी रांची के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पहाड़ी मंदिर, दुर्गाबाड़ी, काली मंदिर और जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं।श्रद्धालु कतारबद्ध होकर धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पहाड़ी मंदिर में विशेष रूप से सुबह तड़के से ही भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके अलावा साई मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने साई बाबा के समक्ष दीप जलाकर नए साल में सुख-शांति और स्वास्थ्य की कामना की। गुरुद्वारों में शब्द-कीर्तन और अरदास के साथ नववर्ष का स्वागत किया गया। जबकि चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन हुआ। चर्चों में मोमबत्तियां जलाकर लोगों ने शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। सभी धर्मों के लोगों में नववर्ष को लेकर उत्साह समान रूप से देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की अपील है कि श्रद्धालु दर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। कुल मिलाकर नववर्ष 2026 की शुरुआत रांची में आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई है। धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि लोग नए साल की शुरुआत सकारात्मकता और विश्वास के साथ करना चाहते हैं।