बिहार विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने संयुक्त सदन को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने नवंबर 2005 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों को रेखांकित किया।राज्यपाल ने कहा कि लंबे समय तक बिहार शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी से जूझता रहा, लेकिन इस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से पहले बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से दो लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई। इन नियुक्तियों का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिहार में कुल शिक्षकों की संख्या बढ़कर 5 लाख 24 हजार तक पहुंच चुकी है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। शिक्षा क्षेत्र में किए गए इन सुधारों का सकारात्मक असर यह हुआ है कि राज्य में स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा के हर स्तर पर सुधार लाने की है, ताकि सभी छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
वर्तमान में राज्य में कुल एक लाख 31 हजार पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार देश का ऐसा राज्य बन गया है, जहां सबसे अधिक महिला सिपाहियों की भर्ती की गई है। राज्यपाल ने बताया कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ किया गया है। पहले राज्य में कुल 814 पुलिस थाने और चौकियां थीं, जिनकी संख्या बढ़ाकर अब 1,380 कर दी गई है। इसका उद्देश्य जनता को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने प्रशासनिक सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आम जनता के लिए सुलभ बनाने के लिए कई नई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। ये सभी कदम राज्य के समग्र विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में मौजूद विधायकों ने सरकार की नीतियों और विकास कार्यों की सराहना की। अंत में राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में भी सरकार शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में निरंतर प्रयास जारी रखेगी, ताकि बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।