भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने शनिवार को लोगों को निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान किया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मेहनत की कमाई निवेश करने से पहले निवेश के अवसरों और संबंधित संस्थाओं की पूरी तरह जांच-पड़ताल जरूर करें।
पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी कर बताया कि साइबर ठग लोगों को कम या बिना जोखिम में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर तेजी से अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे लोगों से अक्सर फोन कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया विज्ञापनों और आकर्षक निवेश योजनाओं का प्रचार करने वाले ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए संपर्क किया जाता है।
पुलिस के अनुसार, ठग फर्जी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नकली निवेश प्लेटफॉर्म को असली दिखाने की कोशिश करते हैं। पीड़ितों से पैसे लेने के बाद ठग उनसे अतिरिक्त रकम की मांग कर सकते हैं या फिर संपर्क तोड़कर फरार हो जाते हैं।
पुलिस ने लोगों को खास तौर पर ऐसी योजनाओं से सावधान रहने को कहा है, जिनमें असामान्य या अवास्तविक रिटर्न का वादा किया जाता है। कुछ ठग कुछ ही दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच भी देते हैं। अज्ञात कंपनियों या बिना सत्यापन वाले प्लेटफॉर्म से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर उचित जांच के बिना भरोसा नहीं करना चाहिए।
एडवाइजरी में दबाव बनाकर निवेश कराने की कोशिशों से भी सावधान रहने को कहा गया है। इनमें तुरंत निवेश करने, निवेश की जानकारी किसी से साझा न करने या कथित मुनाफा निकालने के लिए अतिरिक्त पैसे जमा करने जैसी मांगें शामिल हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी कंपनी या निवेश प्लेटफॉर्म की पंजीकरण स्थिति और विश्वसनीयता की जांच संबंधित आधिकारिक नियामक वेबसाइटों के माध्यम से करें। जहां लागू हो, वहां भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइटों से भी जानकारी सत्यापित की जा सकती है।
कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों को ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की चेतावनी दी है। साथ ही, लोगों को अनजान या अविश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति से निवेश करने या किसी निजी अथवा अज्ञात बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहेगा। ऐसी कोई भी मांग सामने आने पर उसे संभावित ठगी मानते हुए तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी निवेश प्रस्ताव पर आर्थिक निर्णय लेने से पहले परिवार के सदस्यों या भरोसेमंद लोगों से चर्चा करें और केवल विश्वसनीय तथा नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त निवेश माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर या निवेश धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर घटना की शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने, निवेश करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करने और किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी की सूचना बिना देरी किए पुलिस को देने की अपील की है।