देवगढ़ जिले के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 2007 में ठेकेदार प्रभात प्रधान उर्फ माही की हत्या के मामले में दो महिलाओं समेत तीन माओवादियों को बरी कर दिया है।
कोर्ट ने आरोपी शत्रुघ्न बिस्वाल, मंजुलता मुदुली उर्फ मीता और कलस्तिका मिंज उर्फ सुजाता को अपराध में उनकी संलिप्तता साबित करने के लिए अपर्याप्त सबूतों के कारण बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 जून, 2007 को देवगढ़ पुलिस थाने के अंतर्गत तेलीकुसुम गांव में प्रधान के घर पर सशस्त्र माओवादियों के एक समूह ने हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। माओवादियों ने कथित तौर पर प्रधान पर पुलिस का मुखबिर होने का संदेह करते हुए उनके परिवार के सदस्यों को बांध दिया था और उन्हें पास के जंगल में ले गए थे, जहां उनकी हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने हत्या, देशद्रोह और अवैध हथियारों के इस्तेमाल समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच की थी। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया।